पिछले 30 वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था का तृतीयक क्षेत्रक सर्वाधिक उत्पादक क्यों बना ? चार कारण बताइए।
उत्तर : इस उपलब्धि के पीछे कई कारण हैं जिनमें से प्रश्नानुसार हम चार कारणों का वर्णन निम्नवत करते हैं :
(i) भारत सरकार के साथ ही राज्य सरकार और पंचायती राज संस्थाओं ने इस क्षेत्र को प्रोत्साहित किया है। सामाजिक और ढाँचागत सुविधाओं के प्रोन्नयन और विस्तार के लिए समय-समय पर अनुदान, निधियाँ तथा चांदी की राशियाँ बड़ी मात्रा में दी जाती हैं। इन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में श्रमिक, कार्यकर्ता, विशेषज्ञ और व्यवसायियों की सेवाएँ आवश्यक होती हैं।
(ii) भारत ने बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक से नई आर्थिक नीति, भूमंडलीकरण, उदारीकरण तथा मुक्त व्यापार की नीतियों को अपनाया है। भूमंडलीकरण और उदारीकरण के कारण भारत के चिकित्सक, अभियंता, अध्यापक तथा तकनीकीविद् जैसे विशेषज्ञों एवं व्यवसायियों की विश्व के अन्य देशों में भारी माँग है। ये विशेषज्ञ तथा व्यवसायी राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, अंतर्राष्ट्रीय विनिमय तथा व्यापार विस्तार करने और अन्य भुगतानों को निपटाने के लिए आवश्यक विदेशी मुद्रा को कमा कर भारत ला रहे हैं।
(in) वैज्ञानिक खोजों/आविष्कारों, नई खोजों, नवीनतम प्रौद्योगिकी के आगमन तथा भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की स्थापना के कारण सेवा क्षेत्रक का तीव्र गति से विकास हो रहा है। कुछ भारतीय व्यापार घरानों तथा कंपनियों ने विश्व के अन्य देशों में अपने उद्योग स्थापित कर लिए हैं। इन कारणों से तृतीयक क्षेत्रक हमारे देश का सर्वाधिक उत्पादक क्षेत्रक बन पाया है।
(iv) इन्टरनेट सेवाओं, वेबसाइट, ई-मेल सेवाओं तथा जन-संचार साधनों के कारण लोगों को रोजगार के नए अवसरों और पदोन्नति नियमों की विशेष जानकारी मिल रही है। नौकरी पेशा वर्ग को नए पदों का अवसर कई एजेन्सी (दिल्ली के आधार पर) प्रदान कर रही हैं। उदारीकरण, नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम तथा नीतियाँ, सूचना प्रौद्योगिकी का प्रोन्नयन, वित्तीय संसाधनों का पारस्परिक विनिमय, कच्चा माल, परिवहन के नए साधनों का खोला जाना तथा विकासशील और विकसित देशों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कुछ अन्य कारण हैं जिन्होंने पिछले 30 वर्ष की अवधि में तृतीय क्षेत्र को भारत का बहुत बड़ा उत्पादक क्षेत्रक बनाया है।
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