शहरों में 'असहयोग आंदोलन' धीमा क्यों पड़ने लगा था? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : (i) महँगी खादी : खादी का कपड़ा प्रायः मिलों में भारी पैमाने पर उत्पादन की तुलना में अधिक महँगा था और निर्धन लोग इसे खरीदने में असमर्थ थे। (ii) कोई विकल्प नहीं : ब्रिटिश संस्थाओं के बहिष्कार से एक समस्या उत्पन्न हो गई। आंदोलन को सफल बनाने के लिए यह आवश्यक था कि ब्रिटिश संस्थाओं के स्थान पर देशी संस्थाएँ विकल्प के रूप में स्थापित की जाएँ, परंतु यह कार्य बहुत धीमी गति का था। अतः विद्यार्थियों को पुनः सरकारी स्कूलों तथा वकीलों को सरकारी न्यायालयों में वापस जाने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं रह गया था।
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