भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण का क्या प्रभाव हुआ ? वर्णन करो।
उत्तर : I. लक्षण (Features) : विश्व में वैश्वीकरण एक नई प्रवृत्ति है जिसका उद्देश्य अपनी अर्थव्यवस्था को अन्य देशों की अर्थव्यवस्था से सामंजस्य करना है।
1. इसका उद्देश्य कुछ समय सीमा के अंतर्गत होता है।
2. यह मूल्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर आधारित होता है।
2. यह मूल्य अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर आधारित होता है।
3. यह सुनिश्चित करता है कि केवल गुणवत्ता वाली और प्रतियोगी वस्तुएँ ही इस विश्व बाजार में रह पायेंगी।
II. भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण का प्रभाव (Impact of Globalisation on Indian Agriculture) :
1. भारतीय किसान अब खुले नये औद्योगिक पर्यावरण में आ हैं। उन्हें अब दूसरे देशों के किसानों से उत्पादन और गुणवत्ता गए में आगे बढ़ना है।
2. अनुकूल जलवायु की दशाओं का उपयोग तथा उन्नत उपकरण और कुशल श्रम के साथ हमें ऐसी वस्तुएँ उत्पादन करनी हैं जो विश्व बाजार में टिक सकें।
3. भारत को वह तकनीक चाहिए जो अन्य देशों में उपयोग में आ रही है।
4. साधन जैसे विकसित सड़क, विद्युत, सिंचाई तथा क्रेडिट सुविधाओं को भी विकसित करना है।
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