फ्रेडरिक सॉरयू की कल्पनादर्शी दृष्टि क्या थी? उन तीन अभिव्यक्तियों की चर्चा कीजिए जिन्हें उसने अपने प्रसिद्ध 'फर्स्ट प्रिंट' में दर्शाया है।
उत्तर : (1) फ्रेडरिक सॉरयू की कल्पनादर्श दृष्टि में यूरोप के देश ऐसे राष्ट्र-राज्य हैं जिनका अपना ध्वज तथा राष्ट्रीय पोशाक हैं।
(2) अपने 'फर्स्ट प्रिंट' में उसने विभिन्न समूहों के लोगों की रैली को दर्शाया है जो स्वतंत्रता की मूर्ति के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। इससे निम्नलिखित अभिव्यक्ति प्रदर्शित होती हैं
(i) अमेरिका की रैली यह प्रदर्शित करती है कि अमेरिका तथा स्विट्जरलैंड हो तरह की अन्य देशों को भी राष्ट्र राज्य बनना चाहिए।
(ii) फ्रांस के लोगों के हाथ में तिरंगा झंडा अन्य देशों को क्रांति के लिए प्रेरित कर रहा है ताकि वे भी राष्ट्र राज्य बन सकें।
(iii) जर्मनी के लोगों के हाथों में विभिन्न रंगों के झंडे एकता की आवश्यकता को प्रदर्शित कर रहे हैं।
(iv) दूसरे देशों द्वारा निर्मित स्वतंत्रता की मूर्ति की ओर बढ़ रहा चौथा समूह राष्ट्र राज्य के निर्माण के अंतिम लक्ष्य को प्रदर्शित कर रहा है।
(v) ईसा मसीह, संत तथा देवदूतों को चित्र में दर्शाना विश्व के समस्त देशों के बीच बंधुता को प्रदर्शित करता है।
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