सत्ता के क्षैतिज वितरण से क्या अभिप्राय है? भारत से उदाहरण देकर इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर : (1) जब शासन के विभिन्न अंग जैसे विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता के बँटवारे की व्यवस्था हो तब इसे सत्ता का क्षैतिज वितरण कहा जाता है।
(2) भारत में राष्ट्रपति और मंत्री परिषद् कार्यपालिका के रूप में कार्य करते हैं। वैसे ही संसद विधायिका तथा सर्वोच्च न्यायालय, न्यायपालिका के भाग होते हैं। इनके बीच शक्तियों का विभाजन होता है ताकि कोई भी सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सके।
(3) हर अंग एक-दूसरे पर अंकुश रखता है। जैसे भारतीय न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के कार्यों पर अंकुश रखती है और विधायिका और कार्यपालिका न्यायपालिका के। इस प्रकार वे शक्ति को संतुलित रखते हैं।
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