भूदान आंदोलन और ग्रामदान आंदोलन से आप क्या समझते हैं ? विनोबा भावे का आंदोलन रक्तहीन क्रांति क्यों कहलाया ?
उत्तर : भूदान और ग्रामदान का अर्थ : भूदान और मदान भूमिदान करने का आंदोलन था जो विनोबा भावे ने चलाया। भूदान में जमींदार द्वारा एक भूखंड (या अपनी भूमि का कुछ भाग) भूमि रहित लोगों को दान में दिया जाता था। ग्रामदान में कुछ जमींदार तथा कई ग्रामों के भूस्वामियों ने भूमिहीन लोगों को भूमि वितरित की।
रक्तहीन क्रांति (Bloodless Revolution) : भूदान और ग्रामदान आंदोलन के लिये कोई राजनैतिक या कानूनी अथवा शारीरिक दबाव नहीं था। हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं था। धनी लोगों ने अपनी इच्छा से अपनी भूमि दान की। इसलिये यह आंदोलन रक्तहीन क्रांति के नाम से जाना गया था।
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