"भारतीय संविधान ने संघात्मक सरकार स्थापित की है।" विचार-विमर्श कीजिए।
उत्तर : भारतीय संविधान के संघीय लक्षण :
1. संविधान की सर्वोच्चता (Supremacy of the Constitution) : संघीय शासन व्यवस्था में संविधान सर्वोच्च होता है। अमेरिका की तरह भारत का संविधान भी देश का सर्वोच्च कानून है।2. लिखित परंतु लचीला संविधान (Written and Flexible Constitution) : भारत का संविधान लिखित संविधान है। इसका निर्माण एक संविधान निर्मात्री सभा द्वारा किया गया था। महत्त्वपूर्ण विषयों में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों का दो-तिहाई बहुमत तथा आधे या अधिक राज्यों की स्वीकृति आवश्यक है। लेकिन यह कार्यविधियाँ लचीली किस्म की हैं। (इसके लिए 1947 से 2006 तक अर्थात् 59 वर्ष में 93 संशोधनों का संदर्भ दिया जा सकता है।)
3. शक्तियों का विभाजन (Division of Powers) : प्रशासन की शक्तियों को केंद्र और राज्यों में इस प्रकार विभाजित किया गया है। :
(1) संघ सूची (Union List) : इसमें 97 विषय हैं जिन पर केन्द्र का अधिकार है।
(ii) राज्य सूची (State List) : इसमें 66 विषय हैं जो स्थानीय महत्त्व के होते हैं। इन पर राज्यों का अधिकार होता है।(ii) समवर्ती सूची (Concurrent List) : इसमें 47 विषय रखे गए हैं। इस पर केंद्र और राज्य दोनों का समान अधिकार होता है। अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्र के पास रखी गई हैं।
(iv) द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature) संघात्मक शासन में केंद्रीय विधानमंडल के दो सदन होते हैं। भारत में भी राज्यसभा तथा लोकसभा संसद के दो सदन बनाए गए हैं।
(v) स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary) : संघीय शासन में संविधान की व्याख्या, केन्द्र-राज्यों के विवादों को हल करने तथा अधिकारों की रक्षा के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका होनी चाहिए। भारत में एक स्वतंत्र न्यायपालिका है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों की व्यवस्था इसी आधार पर की गई है।
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