" असम में बागानी मजदूरों की महात्मा गाँधी के विचारों और स्वराज के बारे में अपनी अलग अवधारणा थी।" तर्क देकर कथन की पुष्टि कीजिए ।
उत्तर : (i) 1859 के इनलैंड इमिग्रेशन एक्ट के अनुसार बागानों में काम करने वाले मजदूरों को बिना इजाजत बागान से बाहर जाने की छूट नहीं थी और इस प्रकार की अनुमति बहुत ही कम मिलती थी।
(ii) जब उन्होंने असहयोग आंदोलन के विषय में सुना तो हजारों मजदूरों ने अपने अधिकारियों की अवहेलना करनी प्रारंभ कर दी। वे बागान को छोड़कर अपने घर की ओर चल दिए। (iii) उनका अनुमान था कि अब गाँधी राज आ गया है। अत: प्रत्येक व्यक्ति को गाँव में जमीन दी जाएगी लेकिन वे अपनी मंजिल तक पहुँचने में असमर्थ रह गये।
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