भारत में राष्ट्रवाद की भावना को सुदृढ़ बनाने में विभिन्न सांस्कृतिक प्रक्रियाओं ने किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ?
उत्तर : (i) संयुक्त संघर्ष : भारत में अंग्रेंजों के विरूद्ध संघर्ष में राष्ट्रवाद की भावना प्रेरित करने का मुख्य कारण संयुक्त संघर्ष था।
(ii) सांस्कृतिक प्रक्रियाएँ : विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक प्रक्रियाएँ ऐसी थीं जिनके द्वारा लोगों की कल्पना में राष्ट्रवाद के प्राण फूंके गए। इतिहास और कथाएँ, लोकगाथाएँ व गीत, लोकप्रिय छवियाँ व प्रतीक-सभी ने राष्ट्रवाद की भावना को सुदृढ़ बनाया।(iif) भारत माता : भारत की पहचान भारत माता की छवि का रूप धारण कर गई जो पहली बार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने बनाई थी जिन्होंने मातृभूमि की स्तुति के रूप में 'वंदे मातरम्' गीत लिखा था। स्वदेशी आंदोलन की प्रेरणा से रवींद्रनाथ टैगोर ने भारत माता की विख्यात छवि को चित्रित किया।
(iv) भारतीय लोक कथाओं को पुनर्जीवित करना : राष्ट्रवाद का विचार भारतीय लोक कथाओं को पुनर्जीवित करके भी विकसित किया गया । 19वीं सदी के अंत में राष्ट्रवादियों ने भाटों व चारणों द्वारा गाई-सुनाई जाने वाली लोक कथाओं को दर्ज (रिकार्ड) करना शुरू कर दिया। यह अपनी परंपरागत संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किया गया जो पश्चिमी शक्तियों द्वारा भ्रष्ट व दूषित हो चुकी थी । अपनी राष्ट्रीय पहचान को ढूँढने और अपने अतीत में गौरव का भाव पैदा करने के लिए इस लोक परंपरा को बचाकर रखना जरूरी था।
COMMENTS