असहयोग आंदोलन' गाँवों में किस प्रकार फैला? कोई पाँच बिन्दु स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : (i) शहरों से आरंभ हुआ असहयोग आंदोलन गाँवों तथा देहातों में भी फैल गया था । प्रथम विश्वयुद्ध के बाद देश के विभिन्न भागों में चले किसानों व आदिवासियों के स्थानीय संघर्ष भी इस आंदोलन में समा गए।
(ii) गाँवों में किसानों का आंदोलन निरंकुश तथा भ्रष्ट ताल्लुकदारों व जमींदारों के विरुद्ध था जो किसानों से भारी-भरकम लगान और तरह-तरह के कर वसूल कर रहे थे। अतः कृषक वर्ग को अपने लक्ष्य की पूर्ति हेतु असहयोग आंदोलन से जुड़ना अधि क श्रेयस्कर लगा।
(iii) किसानों की माँगें थीं कि लगान कम किया जाए तथा बेगार खत्म हो। असहयोग आंदोलन के चलते किसानों की इन माँगों को बल मिला तथा उन्होंने जमींदारों का सामाजिक बहिष्कार किया।
(iv) स्थानीय नेताओं ने भी किसानों तथा खेतिहर मजदूरों में यह प्रचार किया था कि गाँधीजी ने ऐलान कर दिया है कि अब कोई लगान नहीं भरेगा और ज़मीनें भी गरीबों में बाँट दी जाएँगी। (v) महात्मा गाँधी का नाम लेकर लोग अपनी सारी कार्यवाहियों तथा आकांक्षाओं को सही ठहरा रहे थे।
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