भारत में प्रथम विश्व युद्ध ने किस प्रकार एक नई आर्थिक परिस्थिति पैदा की? तीन उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : प्रथम विश्व युद्ध जहाँ मानवता के लिए विनाश का कारण बना वहाँ इसके कारण राष्ट्रवाद को भी बल मिला। भारत में राष्ट्रीय आन्दोलन के विकास में प्रथम विश्व युद्ध के योगदान का वर्णन इस प्रकार है :
(1) करों में वृद्धि : विश्व युद्ध के कारण अचानक रक्षा व्यय में वृद्धि हो गयी। इस व्यय को पूरा करने के लिए सरकार ने करों में वृद्धि कर दी। इसके अतिरिक्त सीमा शुल्क को भी बढ़ा दिया गया। आयकर के रूप में नया कर भी लगा दिया। इससे जनता में रोष फैल गया जिसने राष्ट्रवाद को जन्म दिया।
(2) कीमतों में वृद्धि : प्रथम विश्व युद्ध काल में खाद्य पदार्थों का भारी अभाव हो गया। फलस्वरूप कीमतें लगभग दुगुनी हो गईं। आम आदमी का जीवन कष्टमय हो गया। अतः लोग विदेशी शासन से मुक्ति के सम्बन्ध में सोचने लगे। यह बात राष्ट्रीय आन्दोलन का आधार बनी।
(3) सिपाहियों की जबरन भर्ती : विश्व युद्ध में अत्यधिक सैनिकों के मरने के कारण सरकार को अधिक-से-अधिक सैनिकों की आवश्यकता थी। अत: गाँवों में नौजवानों को जबरदस्ती सेना में भर्ती किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के प्रति विशेष रोष था।
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