देश के विभिन्न भागों में सविनय अवज्ञा आंदोलन किस प्रकार अस्तित्व में आया ? उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : (i) गुजरात के पट्टीदार तथा उत्तर प्रदेश के जाट आंदोलन में सक्रिय थे। व्यापार में मंदी तथा गिरती कीमतों के कारण वे अधिक परेशान थे। इस स्थिति में उनके लिए सरकारी लगान चुकाना असंभव हो गया था।
(ii) चारों तरफ असंतोष का वातावरण फैला था। संपन्न किसानों ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का बढ़-चढ़ कर समर्थन किया। उन्होंने अपने समुदायों को एकजुट किया उनके लिए स्वराज की लड़ाई भारी लगान के विरूद्ध थी।(iii) व्यवसायी वर्ग के लोगों ने अपने कारोबार को फैलाने के लिए ऐसी औपनिवेशिक नीतियों का विरोध किया जिनके कारण उनकी व्यावसायिक गतिविधियों में रूकावट आती थी। वस्तुतः वे विदेशी वस्तुओं के आयात से सुरक्षा चाहते थे।
(iv) सविनय अवज्ञा आंदोलन में औरतों ने भी बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। उन्होंने जुलूसों में भाग लिया, नमक बनाया, विदेशी कपड़ों तथा शराब की दुकानों की पिकेटिंग की। गाँधीजी के आह्वान के बाद औरतों को राष्ट्र की सेवा करना अपना पवित्र दायित्व दिखाई देने लगा था।
कुछ मजदूरों ने भी सविनय अवज्ञा आंदोलन में हिस्सा लिया। उन्होंने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार तथा खराब कार्यस्थितियों के खिलाफ अपने को इस लड़ाई से जोड़ लिया था। उदाहरण के लिए, 1930 में रेलवे कामगारों एवं 1932 में गोदी कामगारों की हड़ताल। 1930 में छोटा नागपुर की टिन खानों के मजदूरों ने गाँधी टोपी पहनकर रैलियों में हिस्सा लिया।
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