असहयोग किस प्रकार आंदोलन बन सका? उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : (i) प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों ने बहुत सहयोग किया परंतु युद्ध समाप्ति के पश्चात् अंग्रेजी सरकार ने उनकी ओर तनिक भी ध्यान नहीं दिया तथा उनका खूब शोषण किया।
(ii) प्रथम विश्व युद्ध के बाद भारत को महामारियों ने घेर लिया परंतु सरकार ने इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दिया। गाँधी जी ने प्रथम विश्व युद्ध में भारतीयों से भाग लेने की सिफारिश इस कारण की थी कि अंग्रेज उन्हें स्वराज्य दे देंगे।इन्हीं सब कार्यों को देखकर गाँधी जी ने भारतवासियों को अंग्रेजी सरकार के साथ सहयोग न करने की बात कही। अब भारतीय सरकार के किसी भी आदेश का पालन नहीं करते थे तथा अपना दिया हुआ काम भी ठीक प्रकार से नहीं करते थे। अध्यापकों, वकीलों तथा अधिकारियों ने भी इन आदेशों का विरोध किया और गाँधी जी के अनुयायी बन गये। इस बात का प्रचार संपूर्ण भारत में आग की भाँति फैल गया। विद्यार्थियों ने विद्यालयों का बहिष्कार किया। श्रमिकों ने काम करने में उत्साह दिखाना बंद कर दिया। इस प्रकार से इस असहयोग की भावना ने संपूर्ण राष्ट्र में एक आंदोलन का रूप ले लिया।
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