उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए कि ऋण किस प्रकार विकास के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका निभाता है?
उत्तर : किसी भी देश के विकास के लिए धन की आवश्यकता होती है। एक व्यक्ति उद्योग लगाने का इच्छुक है, उसे ज्ञान भी है परंतु धन नहीं है। अतः वह असमर्थ है। ऐसे समय में वह औपचारिक या अनौपचारिक विधि/स्रोत से ऋण लेकर उद्योग स्थापित कर सकता है। वर्तमान युग में कोई भी व्यक्ति या परिवार ऐसा नहीं है जो समय पड़ने पर धन की उपयुक्त मात्रा को जुटा पाये। अत: उसे अपना रोजगार चलाने के लिए किसी भी स्रोत से धन ऋण के रूप में लेना ही पड़ता है। उधार या साख या ऋण देने वाले स्रोत अधिक हैं। तो वे अपना धन कुछ ब्याज लेकर ऋण के रूप में देना चाहते हैं। आजकल धनी परिवार विशाल स्तर पर नया रोजगार स्थापित करने या पुराने रोजगार का विस्तार करने के लिए औपचारिक स्रोत से लिखित शर्तों पर ऋण लेते हैं। रोजगार प्रक्रिया से वे धन अर्जित करके ऋण चुका देते हैं, अपना जीवन स्तर ऊँचा करते हैं तथा देश की बेरोजगार श्रम शक्ति को रोजगार प्रदान करके राष्ट्र के स्तर को विकसित करने में योगदान करते हैं। इस प्रकार से ऋण देश के विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तथा सकारात्मक भूमिका निभाता है।
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