भारत में पाई जाने वाली बेरोजगारी के कोई तीन प्रकार समझाइए।
उत्तर : भारत में निम्न प्रकार की बेरोजगारी पाई जाती है
1. प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised Unemployment) :
प्रच्छन्न बेरोजगारी उस स्थिति में विद्यमान होती है जब एक श्रम की सीमान्त भौतिक उत्पादकता शून्य होती है या कभी-कभी ऋणात्मक होती है । दूसरे शब्दों में प्रच्छन्न बेरोजगारी की स्थिति एक काम करने के लिए जितने श्रमिकों की आवश्यकता होती है उससे अधिक श्रमिक उस काम में लगे होते हैं। यदि कुछ श्रमिक हटा दिए जायें तो कुल उत्पाद में कमी नहीं होगी। भारत के ग्रामीण क्षेत्र में प्रच्छन्न बेरोजगारी की समस्या काफी गंभीर है, भारत में यह बेरोजगारी 25% तथा 30% के बीच में है।
2. मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment) : भारत एक कृषि प्रधान देश है और कृषि एक मौसमी व्यवसाय है। यह बेरोजगारी मौसम में परिवर्तन के फलस्वरूप पैदा होती है।भारत में लगभग 166 लाख लोग मौसमी बेरोजगार हैं।
3. औद्योगिक बेरोजगारी (Industrial Unemployment) :भारत में औद्योगिक बेरोजगारी के उत्पन्न होने के कई कारण हैं। पहला कारण उत्पादन में पूँजी प्रधान तकनीक को अपनाना। दूसरा कारण गाँव के लोगों को शहर में नौकरी करने आना । गाँवों के लोगों के शहर में आने के कारण औद्योगिक शहरों में श्रमिकों की संख्या बढ़ गई है परन्तु भारत में अभी इतने उद्योग स्थापित नहीं हुए की बढ़ती हुई श्रम-शक्ति को अपने में खा सके ।
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