विभिन्न तकनीक और संस्थागत सुधारों का वर्णन करो जिन्होंने हरित क्रांति और श्वेत क्रांति को आगे बढ़ाया।
उत्तर : तकनीकी सुधार (Technological Reforms) : भिन्न तकनीकी तथा संस्थागत सुधारों में विभिन्न उपाय सम्मिलित हैं जो केन्द्रीय और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर उठाए गए। खेतों में सिंचाई अब ड्रिप सिंचाई तथा छिड़काव प्रणाली द्वारा की जाती है। उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक खाद का उपयोग किया जा रहा है। अब वे जैव खाद का उपयोग भी करते हैं। उच्च उत्पादकता तथा पूर्ण विकसित होने वाले बीजों का विकास कर लिया गया है। इनमें से अधिकतर तकनीकों ने 60-70 के दशकों में हरित क्रांति को जन्म दिया। हरित क्रांति के बाद श्वेत क्रांति ने स्थान लिया।
II. संस्थागत सुधार (Institutional Reforms ) : संस्थागत सुधार जो केन्द्रीय सरकार द्वारा उठाए गए, निम्नलिखित हैं 1. भारत सरकार ने जमींदारी प्रथा समाप्त की।
2. छोटे खेतों की चकबंदी की गई।
3. सिंचाई सुविधाओं का विकास किया गया जो कृषि के आधुनिकीकरण का एक अंग था।
4. उन्नत बीज तथा रासायनिक खाद कृषि के आधुनिकीकरण का आधार बनते हैं।
4. उन्नत बीज तथा रासायनिक खाद कृषि के आधुनिकीकरण का आधार बनते हैं।
5. रेडियो और टेलीविजन का विस्तृत उपयोग किसानों को जानकारी देने के लिए किया गया।
6. फसल बीमा दूसरा कदम था जो किसानों को हानि से बचाने के लिए था।
6. फसल बीमा दूसरा कदम था जो किसानों को हानि से बचाने के लिए था।
7. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय समितियों तथा सहकारी बैंकों की स्थापना की। ये सब संस्थागत सुधार हरित क्रांति और श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए थे।
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