राष्ट्रवादियों पर शिकंजा कसने के लिए ब्रिटिश प्रशासन द्वारा उठाये गये तीन दमनकारी उपायों का वर्णन कीजिए।
उत्तर : अंग्रेजी शासनकाल में भारतीय राष्ट्रवादियों ने सामूहिक एकता का सहारा लेते हुए अनेकों विधियों से देश को स्वतंत्र कराने के प्रयत्न किए। किसानों, श्रमजीवियों तथा दस्तकारों का अंग्रेजी सरकार ने अत्यधिक दमन किया। कुछ दमनकारी उपाय इस प्रकार थे।
(i) किसानों को अपनी कृषि जोत पर अधिक मालगुजारी देनी पड़ती थी। मालगुजारी को निश्चित समय पर तथा पूरी संख्या में न दिये जाने पर उन्हें शारीरिक दंड के अतिरिक्त उन्हें उनकी भूमि से बेदखल भी कर दिया जाता था।(ii) भारतीय दस्तकारों को उनके द्वारा बनाई गई वस्तुओं को केवल उन्हीं को बेचने के लिए विवश किया जाता था तथा उन्हें सीमित मात्रा में ही कच्चा माल दिया जाता था। उन्हें कम मूल्य पर उत्पाद को बेचने के लिए विवश किया जाता था।
(iii) भारतीयों के साथ शिक्षा प्राप्त करने पर भी भेदभाव किया जाता था। भारतीयों की शिक्षा के लिए कुछ स्कूल ही निर्धारित थे। उन्हें कुछ सीमा तक ही शिक्षित किया जाता जिससे वे केवल निम्न पदों पर ही सेवा कर सकें। बड़े एवं उच्च पदों के लिए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाता था।
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