“सस्ता और सामर्थ्य के अनुकूल कर्ज ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए अति आवश्यक है।" इस कथन के संदर्भ में इससे जुड़े सामाजिक
उत्तर : भारत एक विकासशील देश है। देश के स्तर को अधिक खुशहाल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि यहाँ बेरोजगारी को समाप्त किया जाये तथा गरीबी दूर की जाये। इन समस्याओं को हल करने हेतु गरीब तथा बेरोजगारों को छोटे रोजगार लगाने की सलाह दी जानी चाहिए तथा उन्हें सस्ता तथा सामर्थ्य के अनुकूल कर्ज दिलाया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे किसानों को तथा शहरी क्षेत्रों में बेरोजगार गरीब लोगों को उचित एवं सामर्थ्य के अनुसार कम ब्याज पर ऋण दिलाया जाये। ग्रामीण छोटे किसानों तथा शहरी गरीब लोगों को रोजगार आदि के लिए सस्ती ब्याज दर पर बैंक तथा सहकारी समितियाँ ऋण देती हैं। किसान कृषि की आवश्यक वस्तुओं खाद, बीज, कीटनाशी आदि को खरीदकर उपज को बढ़ाकर अपना जीवन स्तर बढ़ाते हैं। शहरों में लोग छोटे उद्योग लगाकर अपना जीवन स्तर ऊँचा करते हैं। इससे देश की गरीबी तथा बेरोजगारी की समस्या का निदान सरलता से हो जाता है।
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